चुनावी व्यवस्था को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष में टकराव, संवैधानिक संस्थाओं की भूमिका पर चर्चा नई दिल्ली। चुनावी प्रक्रियाओं से जुड़े मुद्दों पर राजनीतिक दलों के बीच मतभेद सामने आ रहे हैं। विपक्ष की ओर से निर्वाचन संबंधी निर्णयों पर सवाल उठाए जा रहे हैं, जबकि सत्ता पक्ष विपक्ष के विरोध के तरीके की आलोचना कर रहा है। राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच संवैधानिक संस्थाओं की स्वतंत्रता, जवाबदेही और लोकतांत्रिक विरोध के अधिकार पर व्यापक चर्चा हो रही है। Post navigation संभावित प्रदर्शनों को लेकर राजधानी में सुरक्षा तैयारियों पर जोर दिवाली से पहले UPI कारोबारियों को राहत, ₹2,000 से अधिक के भुगतान पर प्रस्तावित शुल्क टला