जलसंकट के बीच पानी बचाने की चुनौती, किसानों और पशुपालकों की जरूरतों पर ध्यान देना जरूरी

मुंबई। महाराष्ट्र के जलसंकट प्रभावित क्षेत्रों में पानी की उपलब्धता कृषि और पशुपालन के लिए महत्वपूर्ण चिंता बनी हुई है। जलाशयों की स्थिति, स्थानीय जल वितरण और ग्रामीण इलाकों में पेयजल की व्यवस्था प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल होनी चाहिए। पशुओं के लिए पानी और चारे की पर्याप्त व्यवस्था न होने से डेयरी किसानों की उत्पादन लागत बढ़ सकती है। जल संरक्षण, टैंकर व्यवस्था और जरूरतमंद क्षेत्रों तक समय पर सहायता पहुंचाना आवश्यक है।

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