महंगाई और रुपये की चाल से बाजार में हलचल, आम उपभोक्ताओं पर बढ़ सकता है दबाव नई दिल्ली। भारतीय अर्थव्यवस्था में महंगाई, विदेशी मुद्रा विनिमय दर और अंतरराष्ट्रीय व्यापार की परिस्थितियां महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। रुपये में कमजोरी से आयातित वस्तुओं की लागत बढ़ने की आशंका रहती है। इसका असर ईंधन, औद्योगिक कच्चे माल और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर पड़ सकता है। आर्थिक विशेषज्ञों के लिए आने वाले दिनों में महंगाई की दिशा और रिजर्व बैंक की नीतिगत प्रतिक्रिया प्रमुख विषय बने रहेंगे। Post navigation संभावित प्रदर्शनों को लेकर राजधानी में सुरक्षा तैयारियों पर जोर